संदीप तिवारी: दिवाली पर दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर प्रदेश के आठ जिलों में पटाखों पर प्रतिबंध जारी रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सूबे के आठ जिलों में पटाखों के निर्माण, भंडारण और बेचने पर पूर्ण रूप से बैन लगा दिया है। जिन जिलों में यह रोक लागू की गई है, उनमें मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर शामिल हैं। वहीं आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 की धारा- 15 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत 1 लाख रुपए का जुर्माना और 5 साल तक की जेल या फिर दोनों का प्रावधान है।
प्रदूषण के चलते लिया गया फैसलागौरतलब है कि यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट की तरफ से वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिए गए निर्देशों के बाद लिया गया है। त्योहारी सीजन में पटाखों से होने वाला वायु और ध्वनि प्रदूषण लगातार चिंता का विषय रहा है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर से न केवल पर्यावरण पर असर पड़ता है, बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों की सेहत पर भी गंभीर खतरा मंडराता है। इसी कारण सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए इन जिलों में पटाखों की किसी भी तरह की गतिविधि पर रोक लगाई है।
ऐसे कर सकते हैं शिकायतयूपी पुलिस ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए साफ किया है कि लोग शिकायत दर्ज कराने के लिए सीधे 112 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा शिकायत व्हाट्सएप नंबर 7570000100 पर मैसेज करके, एसएमएस के जरिए 7233000100 पर, फेसबुक पेज (@112UttarPradesh) और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (@112UttarPradesh) पर भी दर्ज कराई जा सकती है। वहीं, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा दी है। बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppcb.up.gov.in पर Public Grievances related to Fire Crackers (NCR-U.P.) विकल्प के माध्यम से लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
प्रशासन ने जनता से की अपीलउत्तर प्रदेश शासन ने साफ कहा है कि इस आदेश का पालन कराना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। यदि कोई दुकानदार, गोदाम संचालक या व्यक्ति प्रतिबंधित जिलों में पटाखों का निर्माण, भंडारण या बिक्री करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे इस आदेश का पालन करें और प्रदूषण रोकने में सहयोग करें।
यूपी में बढ़ी निगरानीयूपी में सरकारी आदेश के लागू होते ही इन जिलों में पटाखों के गोदाम और बिक्री केंद्रों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी तरह की अवैध गतिविधि की सूचना मिलते ही तत्काल छापेमारी करें। वहीं, प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे पर्यावरण हित में जिम्मेदार नागरिक बनते हुए पटाखों का इस्तेमाल न करें और सुरक्षित त्यौहार मनाएं।
प्रदूषण के चलते लिया गया फैसलागौरतलब है कि यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट की तरफ से वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिए गए निर्देशों के बाद लिया गया है। त्योहारी सीजन में पटाखों से होने वाला वायु और ध्वनि प्रदूषण लगातार चिंता का विषय रहा है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर से न केवल पर्यावरण पर असर पड़ता है, बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों की सेहत पर भी गंभीर खतरा मंडराता है। इसी कारण सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए इन जिलों में पटाखों की किसी भी तरह की गतिविधि पर रोक लगाई है।
ऐसे कर सकते हैं शिकायतयूपी पुलिस ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए साफ किया है कि लोग शिकायत दर्ज कराने के लिए सीधे 112 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा शिकायत व्हाट्सएप नंबर 7570000100 पर मैसेज करके, एसएमएस के जरिए 7233000100 पर, फेसबुक पेज (@112UttarPradesh) और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (@112UttarPradesh) पर भी दर्ज कराई जा सकती है। वहीं, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा दी है। बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppcb.up.gov.in पर Public Grievances related to Fire Crackers (NCR-U.P.) विकल्प के माध्यम से लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
प्रशासन ने जनता से की अपीलउत्तर प्रदेश शासन ने साफ कहा है कि इस आदेश का पालन कराना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। यदि कोई दुकानदार, गोदाम संचालक या व्यक्ति प्रतिबंधित जिलों में पटाखों का निर्माण, भंडारण या बिक्री करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे इस आदेश का पालन करें और प्रदूषण रोकने में सहयोग करें।
यूपी में बढ़ी निगरानीयूपी में सरकारी आदेश के लागू होते ही इन जिलों में पटाखों के गोदाम और बिक्री केंद्रों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी तरह की अवैध गतिविधि की सूचना मिलते ही तत्काल छापेमारी करें। वहीं, प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे पर्यावरण हित में जिम्मेदार नागरिक बनते हुए पटाखों का इस्तेमाल न करें और सुरक्षित त्यौहार मनाएं।
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