मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष और केंद्रीय कौशल विकास राज्यमंत्री जयंत चौधरी के एक बयान ने उत्तर प्रदेश की सियासत को गर्मा दिया है। जयंत चौधरी शनिवार को मुजफ्फरनगर में भौराकला के सावटू पहुंचे थे। यहां एक कार्यक्रम के दौरान जब किसानों ने उनसे यूरिया को लेकर शिकायत की, तो उन्होंने कहा कि उनकी बंदिश है, लेकिन राष्ट्रीय लोकदल की नजर किसानों पर है। जयंत ने कहा कि उन्होंने इशारा कर दिया है, जिस दिन किसान और मजदूर कहेंगे, वह अपना फैसला ले लेंगे। उनके इस बयान को लेकर अब सियासी कयासबाजी शुरू हो गई है।
जयंत चौधरी राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर सावटू गांव में स्टेडियम का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान किसानों के बीच पहुंचे जयंत ने कहा कि मुजफ्फरनगर के खेत खलिहान पर उनकी नजर है। मेहनतकश किसानों और मजदूरों पर उनकी नजर है। यही लोकदल का एजेंडा है, यही लोकदल का मतदाता है और यही लोकदल का संगठन है।
इस बीच एक किसान ने यूरिया की किल्लत को लेकर शिकायत की, जिसपर जयंत चौधरी ने कहा, 'अब तो इशारा कर दिया खूब, मेरी बंदिश है, इससे ज्यादा मैं नहीं कह सकता। मै जो कुछ हूं, आपके लिए हूं। सीधी दो टूक बात कह रहा है, जब आप कहोगे और जैसा आपको लगेगा, वैसा ही फैसला लेता आया हूं और आगे भी वैसा ही फैसला ले लूंगा।'
जयंत चौधरी के इस बयान को सत्यमाल मलिक और यूरिया के मुद्दे को लेकर जाटों और किसानों को साधने के तौर पर देखा जा रहा है। साथ ही जयंत चौधरी के एनडीए गठबंधन में बने रहने को लेकर भी कयासबाजी शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश में अगले कुछ महीनों में पंचायत के चुनाव भी होने हैं और ऐसे में जयंत चौधरी का यह बयान कई इशारे कर रहा है। पिछले साल मार्च के महीने में केंद्र सरकार की तरफ से चौधरी चरण सिंह को 'भारत रत्न' देने की घोषणा करने के बाद जयंत चौधरी एनडीए का हिस्सा बने थे।
जयंत चौधरी राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर सावटू गांव में स्टेडियम का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान किसानों के बीच पहुंचे जयंत ने कहा कि मुजफ्फरनगर के खेत खलिहान पर उनकी नजर है। मेहनतकश किसानों और मजदूरों पर उनकी नजर है। यही लोकदल का एजेंडा है, यही लोकदल का मतदाता है और यही लोकदल का संगठन है।
इस बीच एक किसान ने यूरिया की किल्लत को लेकर शिकायत की, जिसपर जयंत चौधरी ने कहा, 'अब तो इशारा कर दिया खूब, मेरी बंदिश है, इससे ज्यादा मैं नहीं कह सकता। मै जो कुछ हूं, आपके लिए हूं। सीधी दो टूक बात कह रहा है, जब आप कहोगे और जैसा आपको लगेगा, वैसा ही फैसला लेता आया हूं और आगे भी वैसा ही फैसला ले लूंगा।'
जयंत चौधरी के इस बयान को सत्यमाल मलिक और यूरिया के मुद्दे को लेकर जाटों और किसानों को साधने के तौर पर देखा जा रहा है। साथ ही जयंत चौधरी के एनडीए गठबंधन में बने रहने को लेकर भी कयासबाजी शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश में अगले कुछ महीनों में पंचायत के चुनाव भी होने हैं और ऐसे में जयंत चौधरी का यह बयान कई इशारे कर रहा है। पिछले साल मार्च के महीने में केंद्र सरकार की तरफ से चौधरी चरण सिंह को 'भारत रत्न' देने की घोषणा करने के बाद जयंत चौधरी एनडीए का हिस्सा बने थे।
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